खनिजों का वर्गीकरण (धात्त्विक खनिज) | Classification of minerals (metallic minerals)

धात्त्विकखनिज( Metallic mineral ) येदोप्रकारकेहोतेहैं:- लौह– अयस्क, मैंगनीज–अयस्क, क्रोमोईट, पाईराईट, आदिलौहधात्त्विकखनिजहैं।भारतइनमेंसमृद्धहै। अलौह–  धात्त्विकखनिजमेंतांबाकाअयस्क, बॉक्साइट, ईट, जिंक, शीशा, सोना, चाँदीआदिआतेहैं। बॉक्साइट को छोड़कर अन्य अलौह धात्विक खनिजों में भारत का उत्पादन पर्याप्त नहीं है, जिससे इन खनिजों का आयात करना पड़ता है । Classification-of-minerals-(metallic-minerals) 1. लोहा( Iron ) भारतमेंलौह–अयस्क का भंडार विश्व में मात्राएवंगुणवत्तादोनोआधारपरसर्वोत्कृष्टहै।  विश्वकेकुललौहभंडारका10% भारतमेंहै। भारतमेंपायेजानेवालेमुख्यलौह–अयस्क हेमाटाईटऔरमैग्नाटाईटहैं, जिनमें60-70% तकलोहामिलताहै।इसलिएइनकीबहुतअधिकअंतर्राष्ट्रीयमांगहै। देशकेलगभगहरराज्यमेंलौह–अयस्क मिलता है। लेकिन 96% लौह–अयस्क सिंहभूम(बिहार)   उड़ीसा केओनझार, तालचर, बोनईऔरमयूरभंजमें, छत्तीसगढ़केबैलाडीलामेंतथाकर्नाटकऔरगोवामेंमिलताहै। छत्तीसगढ़केबैलाडीलाऔरराजहराकेखानोंसेनिकालागयालौहअयस्कविशाखापट्टनमकेबंदरगाहसेभेजाजाताहै।कर्नाटककेदोनईमलाईऔरकुद्रेमुखकेखानोंसेनिकालागयालौह–अयस्क मंगलोरकेबंदरगाहसेदूसरेदेशोंकोनिर्यातकियाजाताहै। 2. मैंगनीज( Manganese ) … Read more खनिजों का वर्गीकरण (धात्त्विक खनिज) | Classification of minerals (metallic minerals)

भारत की खनिज सम्पदा | खनिज अन्वेषण और विकास ( Mineral exploration )

खनिजों का वर्गीकरण (धात्त्विक खनिज) | Classification of minerals (metallic minerals) भारतमेंखनिजसंसाधनोंकेलिएभू–भौतिक अन्वेषणकठिनहै, मुख्यरूपसेउत्तरमें, जहांजलोढ़मिट्टीकीपरतंनरवेदारचट्टानोंसेघिरीहैं।पुरातनलावाप्रवाहएवंरेगिस्तानखनिजसंसाधनोंकेप्रभावीअन्वेषणमेंएकअन्यबाधाहै। भारतसरकारनेखनिजसंसाधनोंकेअन्वेषणएवंविकासकेलिएकईसंगठनोंएवंसंस्थानोंकागठनकियाहै।उत्खननकोसंविधिदर्जादेनेकेलिएवर्ष1957 मेंखदानएवंखनिज(विकासएवंविनियमन) अधिनियमलागूकियागया। भारतीयभूगर्भिकसर्वेक्षण(जीएसआई)सहितकईअन्यमहत्वपूर्णसंगठनभारतमेंखनिजसंसाधनोंकेअन्वेषणएवंविकासमेंसंलग्नहैं।इसकेअतिरिक्तमिनरलएक्सप्लोरेशनलिमिटेड(एमईसीएल) इंडियनब्यूरोऑफमाइन्स(आईबीएम), तथासार्वजनिकक्षेत्रउपक्रमभीइसकार्यमेंशामिलहैं। भारत-की-खनिज-सम्पदा भारतीयभूवैज्ञानिकसर्वेक्षण( Geological Survey of India ) यहएकसर्वप्रमुखराष्ट्रीयएवंशोधसंगठनतथायहसरकारकेउद्योगएवंसामन्यतयाजनताकोभू–विज्ञानसुचनाप्रदानकरनेवालाहै।साथहीसाथअंतरराष्ट्रीयभू–वैज्ञानिकमंचपरसक्रियसहभागीहै। 1851 में स्थापितGSI भूवैज्ञानिकसूचनाओंएवंजानकारियोंकासंग्रहकरताहै, उन्हेंअद्यतनरखताहैऔरइसकेलिएजमीनी, समुद्रीतथाआकाशीयसर्वेक्षणकरताहै। इंडियनब्यूरोऑफमाइंस( Indian bureau of mines ) यहदेशमेंखनिजसंसाधनोंकेवैज्ञानिकविकासकेसंवर्धनमेंलगाहुआहै।खनिजोंकासंरक्षणऔरखानोंमेंपर्यावरणकीरक्षा, कोयला, पेट्रोलियमऔरप्राकृतिकगैस, आण्विकखनिजऔरछोटेखनिजोंकोछोड़करउनकीरक्षाकरताहै। यहविनियामककार्यकरताहैअर्थात्खनिजसंरक्षणऔरविकासनियमावली, 1988 कोलागूकरना, खानऔरखनिज(विकासऔरविनियमन) अधिनियम, 1957 केसंगतप्रावधानोंकोलागूकरना, खनिजरियायतनियमावली, 1960 औरपर्यावरणसंरक्षणअधिनियम, … Read more भारत की खनिज सम्पदा | खनिज अन्वेषण और विकास ( Mineral exploration )