Champaran Satyagraha History in Hindi

चंपारण सत्याग्रह का इतिहास Champaran Satyagraha History in Hindi

Champaran Satyagraha History in Hindi किसान संघर्ष एवं आंदोलनों को राष्ट्रीय आन्दोलन के साथ जोड़ने का श्रेय मुख्य रूप से महात्मा गांधी को जाता हैभारत में गांधीजी के नेतृत्व में किया गया प्रथम किसान सत्याग्रह चम्पारण सत्याग्रह थाआइये इस सत्याग्रह के घटनाक्रम के बारे में आपको विस्तार से बताते है।

 

 

 
आंदोलन का नाम (Movement Name)
चंपारण सत्याग्रह
कब शुरू हुआ (Starting Date)
19 अप्रैल,  साल 1917
कब तक चला (Duration)
करीब एक साल तक
कहां किया गया ये आंदोलन (Location)
चंपारण जिला, बिहार, भारत
किस लिए किया गया ये आंदोलन
किसानों के हक के लिए
किसके नेतृत्व में किया गया ये आंदोलन (Leadership)
महात्मा गांधी
किनकिन राजनेताओं ने लिया हिस्सा
ब्रजकिशोर प्रसाद,
राजेंद्र प्रसाद,
अनुग्रह नारायण सिन्हा,
रामनवमी प्रसाद,
जे बी कृपलानी और इत्यादि

Champaran Satyagraha History in Hindi

चम्पारण(बिहार) के किसानो से अंग्रेज बागान ,मालिको ने एक करार कर रखा था। जिसके अंतर्गत किसानो को अपने कृषिजन्य क्षेत्र के 3/20 वे भाग पर नील की खेती करनी होती थी। ईस पद्धति को तिनकठिया पद्धति के नाम से जाना जाता है। 
  • 19वी सदी के अंतिम दिनों में रासायनिक रंगो की खोज और उसके प्रचलन से नील के बाजार में गिरावट आने लगी , जिससे नील बागान मालिक चंपारण क्षेत्र के अपने नील कारखानों को बंद करने लगे। 
  • Champaran Satyagraha History in Hindi करार या समझौता जो किसानो को किया गया था से मुक्त करने के लिए अंग्रेज बागान मालिको ने भारी लगान की मांग की परिणामस्वरूप विद्रोह शुरू हुआ। 
  • 1917 में चम्पारण के राजकुमार शुक्ल ने चंपारण के राजकुमार शुक्ल ने चम्पारण किसान आन्दोलन का नेतृत्व गांधीजी को सौंपने के लिए लखनऊ में उनसे मुलाक़ात की। 
  • गांधीजी के चम्पारण पहुचने पर वहा के प्रशासन ने उन्हें जिला छोड़ने का आदेश दिया लेकिन गांधीजी ने
  •   सत्याग्रहकी धमकी दे डाली जिससे डरकर आदेश वापस ले लिया गया।

  • सत्याग्रह”  (भारत में) प्रयोग का गांधीजी द्वारा किया गया प्रथम प्रयास था। 
  • चम्पारण में गांधीजी के साथ राजेन्द्र प्रसाद , ब्रजकिशोर , महादेव देसाई , नरहिर पारीख , जे.पी.कृपलानी भी थे। 
  • ज्यूडिथ ने अपनी पुस्तक गांधीजी राइज टू पॉवरमें राजेन्द्र प्रसाद , एस.एन,सिन्हा  तथा जे.बी.कृपलानी को सब कांट्रेक्टर कहा। 
  • चम्पारण आन्दोलन में गांधीजी के नेतृत्व में किसानो की एकजुटता को देखते हुए सरकार ने जुलाई 1917 में मामले की जांच के लिए एक आयोग स्थापित किया जिसके सदस्यों में गांधीजी भी शामिल थे। 
  • आयोग की सलाह पर सरकार ने तिनकठिया पद्धतिको समाप्त घोषित करते हुए किसानो  को अवैध रूप से वसूले गये धन का 25 प्रतिशत भाग वापिस कर दिया। 
  • 1917 के बाद किसान घटी हुयी दर पर वसूल की जाने वाली शहरवेशी नामक कर देने से इंकार कर देते थे। 
  • चम्पारण सत्याग्रह के दौरान गांधीजी के कुशल नेतृत्व से प्रभावित होकर रवीन्द्रनाथ टैगोर ने उन्हें महात्माकी उपाधि दी। 

चंपारण सत्याग्रह से जुड़ी अन्य बातें ( Facts about champaran movement)

  1. Champaran Satyagraha History in HindI ये सत्याग्रह भारत में गांधी जी का पहला डिसओबेडिएंस मूवमेंट था।
  2. इस मूवमेंट के साथ ही अंग्रेजों को गांधी जी की ताकत के बारे में पता चला था।
  3. इसी आंदोलन के दौरान ही पहली बार संत राउत ने गांधी जी को बापूके नाम से पुकारा था।
  4. जिसके बाद से गांधी जी को बापू कहा जाने लगा था।
  5.  चंपारण सत्याग्रह मूवमेंट के सौ साल होने पर सरकार ने स्वच्छता से जुड़ी योजनाओं को बिहार में शुरू किया है।
  6. इस राज्य में सीवरेज प्रॉटेक्ट्स शुरू किया गया है. इस प्रॉजेक्ट के लिए सराकर 1,000 करोड़ रुपये देगी।
  7. इसके अलावा इस राज्य में कई कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया है, जो कि साफ सफाई से जुड़े हुए हैं। 

 


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